जय जिनेन्द्र ,

एक बार फिर से आप सबका इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है । 

।। जिनेन्द्र प्रार्थना ।।

जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र बोलिये । 
जय जिनेन्द्र के स्वरों से अपना मौन खोलिये ।। 

जय जिनेन्द्र ही हमारा, एक मात्र मन्त्र हो ।
जय जिनेन्द्र बोलने को, हर कोई स्वतंत्र हो । 
जय जिनेन्द्र बोल-बोल, खुद जिनेन्द्र हो लिए ।।१ ।।
जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र बोलिये । 
जय जिनेन्द्र के स्वरों से अपना मौन खोलिये ।। 

पाप छोड़, धर्म जोड़, यह जिनेन्द्र-देशना । 
कर्मबन्ध को तू तोड़, यह जिनेन्द्र-देशना ।
जाग ! जाग !! अब रे चेतन, काल बहु सो लिये ।। २ ।।
जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र बोलिये । 
जय जिनेन्द्र के स्वरों से अपना मौन खोलिये ।। 

हे जिनेन्द्र ! ज्ञान दो, मुक्ति का वरदान दो ।
कर रहे हैं प्रार्थना, प्रार्थना पर ध्यान दो ।
अब तुम्हारी ही शरण, जन्म मरण तोड़िये ।। ३॥
जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र, जय जिनेन्द्र बोलिये । 
जय जिनेन्द्र के स्वरों से अपना मौन खोलिये ।। 


आज के लिए इस ब्लॉग में इतना ही ।

अगर भगवान की आज्ञा के विरूद्ध कुछ भी कहा हो तो मिच्छामी दुकड़म । 

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जय जिनेन्द्र ,
जय महावीर ।